भगवान शिव का महाभारत कालीन शारणेश्वर महादेव मंदिर स्थित

न्यूज़ डेस्क :- चित्तौड़गढ़ से 20 किलोमीटर भीलवाड़ा रोड पर अरावली पर्वत श्रखंला के मध्य गंगरार तहसील में भगवान शिव का महाभारत कालीन शारणेश्वर महादेव मंदिर स्थित है….पेश है इस मंदिर पर चित्तौड़गढ़ से हमारे संवाददाता छोटू कुमार चेचानी की रिपोर्ट गांव वासियों की ऐसी मान्यता है कि यह मंदिर महाभारत काल के समय का है जो भीष्म पितामह की तपोभूमि है। यहां पर गंगापुत्र भीष्म पितामह ने भगवान महादेव की तपस्या की थी और गंगा मैया प्रकट हुई थी।

इसलिये इस गाँव का नाम गंगरार पड़ा। माना जाता है इस मंदिर में स्वयं प्रकट शिवलिंग है साथ ही गंगापुत्र भीष्म पितामह ने जहां तपस्या की थी वह भी स्थान यहां मौजूद है। वर्तमान में गंगा मैया का मंदिर के साथ-साथ यहां भीष्मकुंड, अस्थि विसर्जन कुंड के अलावा अन्य कुंड भी है। माना जाता है अस्थि विसर्जन कुंड में मृत व्यक्ति की अस्थियां विसर्जित करने पर स्वत: ही गल जाती है। मंदिर के प्रांगण में ही दो नागा महाराज की जीवित समाधियां भी स्थित है साथ ही हनुमान जी, गणेश जी, कालिका माता के मंदिर भी स्थित है।

पिछले कई वर्षों से यहां महाशिवरात्रि के पर्व पर चार दिवसीय मेले का आयोजन होता है। जिसमें विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक व धार्मिक गतिविधियां होती है। जिसमें आसपास के कई गांवों के हजारों लोग इस धार्मिक स्थल सारणेश्वर महादेव के दर्शन करने आते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी पाते हैं

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